PKM1) उत्तर- इस समय का
उत्तर बदलते रहते हैं —
जैसे मौसम।
जैसे नींद में देखे गए सपने।
कभी लगता था —
मैं शरीर हूँ।
अब लगता है —
मैं कोई छाया हूँ, या धीमा-सा कोई प्रकाश।
आपके प्रश्न का
इस समय मेरा उत्तर है—
लम्हे को शब्दों में विस्तारित करना —
कविता है।
रवि कुमार जैन
PKM2)

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