Tuesday, October 13, 2026

नई कविता (रवि कुमार जैन) ☑

 PKM1) उत्तर- इस समय का 

उत्तर बदलते रहते हैं — 
जैसे मौसम। 
जैसे नींद में देखे गए सपने।  

कभी लगता था — 
मैं शरीर हूँ।  

अब लगता है — 
मैं कोई छाया हूँ, या धीमा-सा कोई प्रकाश।  

आपके प्रश्न का
इस समय मेरा उत्तर है— 
लम्हे को शब्दों में विस्तारित करना — 
कविता है।  

रवि कुमार जैन 



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